I am a Boy

In all the cities in modern times, havebirths and death rates inclined.I was born in this ridiculous time,as for being special - I was just fine. I was born in the eveningof a crisp winter day.With some folks looking down, smiling,while I cried and bawled away. I was told by everyone since then - That… Continue reading I am a Boy

अभिमन्यु

वीरता के जो होते मिसाल हैं,स्वार्थ, लोभ दुर्गुणों से अधिक विशाल हैं,दुर्घटनाओं में न वे मुरझाते हैं,कठिनाइयों को हंस कर गले लगाते हैं। वीरता भी कई प्रकार की होती है,जैसे सागर में असंख्य मोती हैं,वे संसार भर में पूजे जाते हैं,समाज के आदर्श कहलाए जाते हैं। एक उदाहरण लोकप्रिय वह सही,द्वापर की वह कथा कही-सुनी।साहस… Continue reading अभिमन्यु

A Thing called Hope

Those times of chaos, when, your mind's berated.That wilderness grows, overpowering,You venture about, lost, misdirected,Deeper in the woods;Deeper! Steeper! But beware, the deeper you go,more the light fadesand the gloom transcends,from that foreboding moderate,to the despondent melancholy.The fire foes out,the ashes remain, smouldering. But fear not, O' brave heart,the ashes will smolder,Forget, and on.Cease them,… Continue reading A Thing called Hope

Life on Earth

If ever there will be a world,where water will hold no life,and when poured in a glittering bowl,it will not be nectar but a knife.And when there will come such a stage,when the mornings will have no chimeseven when the bells were rung,a dreary cacophony all the time. The noons then be filled by scorching… Continue reading Life on Earth

अहिल्या

इस धरा की बात है खासखुद भगवान उतरे यहां सबके साथ।जब कभी अंधकार घिर आता है,मानव नीचे गिरता जाता है,भूमि से हरि को ही पुकारता है,अधर्म से मुक्ति को अकुलाता है।त्रेता में जब यह नाद हुआ,पाप से सत्कर्म जब बर्बाद हुआभीक्षण आंधी उड़ती आती थी,सात्विकता नष्ट कर ले जाती थी।ऋषियों का जीना दूभर हुआ जाता… Continue reading अहिल्या

मृत्यु से मुलाकात

निकल पड़ा मैं घर से किसी बात पे,क्रोधित था मन उस दिन दुनिया के हालात पे,उचटा हुआ मन लिए पहुंचा एक सूने मैदान में,सहसा सन्नाटे से ठिठका, हुआ थोड़ा हैरान मैं । दूर दूर तक न कोई मनुष्य नज़र आता था,न ही आकाश से कोई पंछी चहचहाता था,रोशनी भी धीरे धीरे ढल रही थी,धूल समेटे… Continue reading मृत्यु से मुलाकात

विपक्ष की बात

भारतवर्ष की भूमि परजब शीत ऋतु लहराती थी,असावधान बैठी देहों पर,क्रूरता बरसाती जाती थी।हंसते-रोते, चलते-सोते रोजमर्रा के जीवन ढोते,लोगों के जीवन मे एक दिन आया ऐसा निराला थालोकतंत्र का गान करके कुछ जनों ने,देश के हृदय पर तेज़ चुभोया एक भाला था।सुबह का अखबार जैसे अपने साथ उल्टी स्वतंत्रता लाया था,लगता था ठंड ने कुछ… Continue reading विपक्ष की बात

Chances

Take your chances, O' lonely soul, Lest the passions are abating, Seek the comforts of present not the past, for The time rushes while these keep on debating. Worried of the chances that you will lose? But equal are that of winning, if not more, What use is such caution in what to choose? When… Continue reading Chances